कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार ने शहर के भोपाल मेमेारियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी), हमीदिया अस्पताल, एम्स को कोविड-19 का उपचार केंद्र बनाया है। यहां पर पूरी तरह से ओपीडी का संचालन बंद कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत बीएमएचआरसी और एम्स में नए मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। हालांकि इनके मरीज कहां इलाज कराएंगे, इसकी पूरी व्यवस्था की गई। हमीदिया अस्पताल और जेपी अस्पताल में हार्ट अटैक, रोड एक्सीडेंट के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा सामान्य सर्दी-खांसी और बुखार के मरीज अपने क्षेत्र के सामुदायिक केंद्रों में इलाज करवा सकते हैँ।
बीएमएचआरसी: कोरोना के मरीजों के लिए नए सिरे से हो रही तैयारी
बीएमएचआरसी में भर्ती सामान्य मरीजों की छुट्टी कर दी गई है। इसे अब स्वास्थ्य विभाग के हवाले कर दिया गया। अब इसे नए सिरे से कोरोना के मरीजों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। यहां पर करीब 340 बेड कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा 10 बेड आईसीयू के लिए रिजर्व कर दिए गए हैं।
...लेकिन गैस राहत अस्पतालों में मिलता रहेगा इलाज
बीएमएचआरसी में भर्ती सामान्य मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अब यहां के मरीजों का इलाज कमला नेहरू गैस राहत, जवाहरलाल नेहरू गैस राहत अस्पताल, मास्टर लाल सिंह अस्पताल, शाकिर अली अस्पताल समेत बीएमएचआरसी की 3 मिनी यूनिट्स में चलता रहेगा।
700 में से 96 बेड रिजर्व, जरूरत पड़ने पर और लेंगे
एम्स में काेराेना के मरीजाें के इलाज के लिए 96 बेड रिजर्व किए गए हैं। जबकि 604 बेड जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल में लिए जाएंगे। यहां पर कुल 700 बेड हैं। हर दिन यहां पर ओपीडी में 2 हजार से ज्यादा मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आते थे।
लेकिन गंभीर मरीजों को मिलेगा इलाज-
एम्स के डायरेक्टर डॉ. सरमन सिंह ने बताया कि गंभीर मरीजों की स्थिति को देखते हुए उनको इलाज दिया जा रहा है। एम्स की इमरजेंसी 24 घंटे काम कर रही है। यहां पर गंभीर मरीज के आने पर इलाज दिया जाएगा।
20 वेंटिलेटर भी इलाज के लिए रिजर्व
हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक और प्रभारी डीन डॉ एके श्रीवास्तव ने बताया कि नई ओपीडी बिल्डिंग में 40 बेड आइसोलेशन के लिए रिजर्व किए गए हैं, जबकि 20 बेड आईसीयू के लिए रिजर्व किए गए हैं। यहां पर 20 वेंटिलेटर इलाज के लिए लगाए गए हैं।
ऑन कॉल डॉक्टर करेंगे इलाज
यहां पर हार्ट अटैक, कैंसर, किडनी के गंभीर और डायलिसिस के मरीजों इलाज जारी रहेगा। यहां पर ऑनकॉल डॉक्टर पहुंचकर इलाज करेंगे। नई ओपीडी ब्लॉक में सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीजों का इलाज होगा।
अभी यहां पर संदिग्ध मरीजों की रोजाना हो रही स्क्रीनिंग
जेपी में 8 बेड कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए रिजर्व किए गए हैं। यहां पर कुल 350 बेड हैं। यहां पर संदिग्ध मरीजों की रोजाना स्क्रीनिंग की जा रही है। जरूरी सेवाएं चालू हैं। हालांकि ओपीडी में इलाज बंद है। यहां पर 24 घंटे अलग-अलग शिफ्ट में डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। इलाज के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाएं और मास्क उपलब्ध हैं।
...लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर करा सकते हैं इलाज
जेपी में रोड एक्सीडेंट और गंभीर मरीजों का इलाज जारी है। यहां पर इमरजेंसी में अलग-अलग शिफ्ट में डॉक्टर्स को तैनात किया गया है। इसी तरह होशंगाबाद रोड पर रहने वाले मरीज मिसरोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और कोलार में रहने वाले कोलार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करवा सकते हैं।
कोरोना पॉजिटिव तीनों मरीजों की हालत स्थिर
राजधानी में कोरोना के तीन पॉजिटिव मरीजों की सेहत स्थिर है। सोमवार को एम्स के विशेषज्ञों ने तीनों कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों के बुखार, सर्दी-जुकाम के बारे में जानकारी ली। सीएमएचओ डॉ. सुधीर डेहरिया ने बताया कि सोमवार को प्रोफेसर कॉलोनी निवासी गुंजन सक्सेना, केके सक्सेना और दुर्गो नगर निवासी आरआर धाकड़ की सेहत के बारे में फॉलोअप किया गया। सभी की हालत स्थिर है। मेडिकल टीम इनकी निगरानी कर रही है। इधर, स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने प्रोफेसर कॉलोनी और दुर्गो नगर पहुंचे क्वारेंटाइन में रह रहे लोगों की स्क्रीनिंग की। इलाके में दवाओं का छिड़काव कराया। गौरतलब है कि पॉजिटिव मरीजों के घर के एरिया कैंटोनमेंट (निषेध) एरिया घोषित कर दिया गया है।